Tuesday, September 30, 2025

21. हिंदी कविता - आगमन अवश्य होगा



आगमन होगा उस तट का

थम जाएंगे तूफ़ान जहाँ

जो रह - रह कर उठते हैं

इस मन रुपी सागर में

आगमन होगा उस शिखर का

पीड़ा का अंत होगा जहाँ

जो एहसास कराती है

भटका प्राणी हूँ मैं

आगमन होगा उस गंतव्य का

खो देगा गति समय जहाँ

जो शत्रु है सबसे बड़ा

कराता है एहसास परिवर्तन का

आगमन होगा उस गहनता का

अहम् नहीं रहेगा जहाँ

जो है केवल एक मिथ्या 

बीजता है अंकुर विष का

आगमन होगा उस असीमता का

सीमा ना रहेगी कोई जहाँ

जो बाँधती है मोह पाश की बेड़ियाँ

छीन लेती है स्वत्रंता

आगमन होगा उस स्थल का

संग्रह है सत्य का जहाँ

विसमाद से भरा हुआ

और जहाँ रहता है स्वामी 'नौ निधियों' का

एक पल वहाँ अवश्य पहुंचेगें

नाचते गाते हर्ष में झूमते | 'तरुण'

4 comments:

  1. Replies
    1. धन्यवाद
      कृपया अपने नाम के साथ टिप्पणी छोड़े इससे अधिक प्रोत्साहन मिलता है
      🙏🙏🙏

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  2. Well written Tarun. Keep it up.
    -Sandeep A201

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